Sanjay says, “मेरे गुरु उस्ताद “तलत अज़ीज़” साहब, मैं अपने आपको बेहद खुशकिस्मत समज़ता हु, की आपने मुझे आपकी ऑनलाइन कैशा मैं ग़ज़ल सिखने के काबिल समझा,आप एक बेहतरीन कलाकार के साथ एक बेहतरीन इंसान हैं, आप बेहद संवेदनशील इंसान हैं, आप अपने स्टूडेंट्स को समज़ने की क्षमता रखते हैं, आप को हम गुरु के रूप में पाकर धन्य हैं.
(आप मेरे लिए खुदा का रूप हो”

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